इस हाल ऐ जिन्दगी पर अब तो लिख़ा भी नहीं जाता |
जिस कलम से प्यार था उसे भी अब पकड़ा नहीं जाता ||
किस्मत की इस आँख मिचोली में साफ़ भी धुंधला हो गया |
कल तक जो दिखाई देता था आज वो भी दिखना बंद हो गया ||
Friday, April 29, 2011
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